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छत्तीसगढ़

CG NEWS: धान खरीदी को लेकर विपक्ष ने दिया स्थगन प्रस्ताव, स्वीकार होने पर नाराज विपक्षियों ने सदन की कार्यवाही का किया बहिष्कार

रायपुर । छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज धान खरीदी का मामला गूंजा। विपक्ष ने इस पर सरकार को घेरने का प्रयास किया। खासकर धान और किसान के मुद्दे पर विपक्ष ने प्रश्नकाल में जो तेवर दिखाये थे, शून्यकाल में भी वैसा ही कुछ नजारा दिखा। विपक्ष ने कहा कि कम खरीदी हुई है, अभी भी कई किसान धान नही बेच पाए हैं। इस मामले में प्रश्नकाल में भी हंगामा हुआ और स्थगन प्रस्ताव के दौरान भी दोनों ही बार विपक्ष ने नारेबाजी करते हुए सदन की कार्यवाही से बहिर्गमन कर दिया। धान खरीदी को लेकर स्थगन प्रस्ताव अग्राह्य होने के बाद हंगामे की वजह से सदन की कार्रवाई 5 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ गयी। प्रश्नकाल खत्म होते ही विपक्षी विधायक ने शून्यकाल में धान खरीदी को लेकर स्थगन प्रस्ताव की सूचना दी।
धान खरीदी की तारीख बढ़ाने, पिछली बार की तुलना में कम धान खरीदी, किसानों को टोकन नहीं देने जैसे विपक्ष के आरोपों के साथ लाये गये स्थगन के जवाब में संसदीय कार्यमंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, धान खरीदी को लेकर जो भी बातें विपक्ष कह रहा है, वो फेक जानकारी के आधार पर है। गलत जानकारी के आधार पर वो सदन में चर्चा की बात कर रहा है। इसकी वजह से इस विषय पर स्थगन नहीं हो सकता। आरोप-प्रत्यारोप के बीच विधायक द्वारकाधीश यादव ने कहा कि मृतकों के रकबे को भी शामिल कर लिया गया है, धान खरीदी में व्यापक गड़बडिय़ां हुई है। आरोप प्रत्यारोप के बीच धान खरीदी पर स्थगन को विधानसभा अध्यक्ष ने अग्राह्य कर दिया। स्थगन प्रस्ताव के अस्वीकार होते ही विपक्ष नाराज हो गया और नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित कर दी गयी। सदन की कार्यवाही पुन: शुरू होते ही विपक्ष ने इसी मुद्दे को लेकर स्थगन प्रस्ताव लाते हुए चर्चा कराने की मांग की। विपक्ष के स्थगन को स्पीकर रमन सिंह ने अस्वीकार कर दिया जिससे नाराज होकर विपक्ष के सदस्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे जिसे देखते हुए स्पीकर ने सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी । इसके बाद सदन फिर शुरू हुई तो विपक्ष अपने स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा की मांग पर अड़ा रहा जिसे आसंदी ने स्वीकार नहीं किया। इससे नाराज होकर सभी विपक्ष के सदस्यों ने आज दिन भर के लिए सदन की कार्यवाही का बहिष्कार कर बाहर चले गए।
सत्ता पक्ष के विधायकों की तरफ से जांच की मांग पर विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने कहा कि आसंदी के निर्देशों का पालन होना चाहिए, जो भी मंत्री जवाब देने आएं, उन्हें इसकी चिंता करनी चाहिए। जिसके बाद खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि 24 मार्च 2023 तक पीडीएस मामले में जांच करा ली जाएगी। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा इस विषय मे आसंदी से निर्देश थे, लेकिन अब तक जांच रिपोर्ट नही आई तो यह आसंदी की अवमानना है। इस मामले में कार्रवाई होनी चाहिये।
भाजपा विधायकों के सवाल पर खाद्य मंत्री ने स्वीकारा, गड़बडिय़ां हुई है। धरमलाल कौशिक ने जानकारी मांगी कि, भौतिक सत्यापन का जो निर्देश दिया गया था, उसका अभी मौजूदा स्टेटस क्या है। जिसके बाद खाद्य मंत्री ने कहा कि पीडीएस में अब तक 216.08 करोड़ रुपए की कमी पाई गई है। धरमलाल कौशिक ने सवाल पूछा कि 216 करोड़ रुपये की गड़बड़ी अफरातफरी कैसे क्या कारण है.. क्या कार्रवाई करेंगे ? खाद्य मंत्री ने कहा कि वन नेशन, वन राशन कार्ड लागू होने के बाद डाटा भारत सरकार के पास रहता था, जो भी गड़बडिय़ां हुई है उसमें समितियों की नियमित वैठक करके पीडीएस स्टॉक में अनियमितता में संबंधितों के खिलाफ कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए है। खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने माना चावल वितरण में गड़बड़ी हुई है। उन्होंने सदन में इस बात की घोषणा, कि सरकार सदन की समिति से इस मामले की जांच करायेगी। संसदीय कार्य मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा- पीडीएस में हुई गड़बड़ी मामले में सदन की जांच समिति करेगी जांच।ew

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